Promotion and Regulation of Online Gaming Bill – 2025

भारत में गैमिंग बिल क्या है?

बिल का नाम – Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025

इसमें मुख्य तीन भागों में बांटा गया हैं –

इस गैमिंग बिल क मुख्य उद्देश्य- ई-स्पोर्ट्स, सोशल और शैक्षिक गेम्स को बढ़ावा देना और उनका नियमन करना।
रियल-मनी (ऑनलाइन मनी) गेम्स—जिसमें खिलाड़ी पैसे लगाकर और वापस पैसे कमा पाने की उम्मीद करते हैं—उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

  • E-sports – प्रतिस्पर्द्धात्मक, कौशल वाले गेम्स जिन्हें बढ़ावा दिया जाएगा।
  • Online Social / Educational Games – मनोरंजन व सीखने के उद्देश्य वाले , बिना वेतन वाले इन्हें भी बढ़ावा दिया जाएगा।
  • Online Money Games- जिनमें रियल पैसा लगाकर कमाने की आशा रखते है । इन पर पूर्ण तरीके से बैन किया जाएगा।

Gaming Bill बनाने का मुख्य कारण –

पिछे हुए skill vs chance (कौशल vs भाग्य) वाले विवाद से हटकर अब कानून ने साफ़ रूप से पैसे का प्रयोग money games को आधार बनाया गया है । यदि गेम में पैसा लगाकर पैसा कमाने की इच्छा है, तो वह पूर्ण प्रतिबंधित है।

  • गैमिंग बिल पास होने का समय |
  • 19 अगस्त 2025 को मंत्रिमंडल में बिल को मंज़ूरी मिली थी।
  • 20 अगस्त 2025 को बिल लोकसभा में पारित हुआ।
  • राज्यसभा में बिल को 21 अगस्त 2025 मंज़ूरी प्रदानक् की गई और बाद में राष्ट्रपति से मंजूरी मिली, जिससे बाद में बिल कानून बनकर लागु हुआ।

गैमींग बिल की मुख्य विशेषताएं –

  • प्रतिबंध – कोई भी व्यक्ति या संस्था ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश, संचालन, सहायता, प्रचार या किसी भी वित्तीय लेन-देन में शामिल होने पर पूर्णतया पाबंदी होगी।
  • वित्तीय संस्थाएं – कोई भी बैंक या दुसरी वित्तीय संस्था ऐसी लेन-देन को छुपा नहीं सकते।

मनी Gaming पर Penalties क्या है –

  • ऑनलाइन मनी गेमिंग ओफर करने पर –
    पहली बार गलती करने पर 3 वर्ष जेल या ₹1 करोड़ तक का जुर्माना या दोनों लगेंगे।
    दुबारा पुनरावृत्ति करने पर कम से कम 3 और अधिक से अधिक 5 वर्ष की जेल या 2 करोड़ रुपयो तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • अगर ये संज्ञेय अपराध (Cognizable offence) और गैर-जमानती(non-bailable) वाले अपराध है तो पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।
    ओनलाइन मनी गेमिंग का प्रचार करने पर 2 वर्ष तक का कारावास या 50 लाख रुपए तक जुर्माना या फिर दोनों।
    कोई व्यक्ति जो गैमिग फंड ट्रांज़ेक्शन करता है तो उसे भी 3 वर्ष तक जेल या 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना या दोनों लगेंगे।
  • जो इन ओनलाइन मनी गेमिंग को खेलता है तो खेलने वाले को दंडित नहीं किया जाएगा ,उसे अपराधी नहीं माना जाएगा, बल्कि उसे पीड़ित समझा जाएगा।

कार्यवाहक प्राधिकरण Online Gaming Authority क्या है –

  • सरकार एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी संगठन (Authority on Online Gaming) बनाएगी जिसका कार्य –
  • ओनलाइन गेम्स को वर्गीकृत, पंजीकृत और नियंत्रित करना । और यह निर्धारण करना कि कौन-सा गेम मनी गेम है कोनसा बिना मनी का।
  • राज्य स्तर पर भी नियामकों की निगरानी करेगा।
  • इसका शुरुआती अनुमानित ख़र्च लगभग स्थापना का 50 करोड़ रुपए व वार्षिक संचालन 20 करोड़ रुपए तक होगा।

गेमिंग बिल से संभावित सकारात्मक पहलू के प्रभाव –


  • इससे ई-स्पोर्ट्स और गेमिंग इंडस्ट्री को समर्थन मिलेगा ,प्रशिक्षण, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी बढ़ावा मिलने की संभावना।
  • गैमिंग बिल से सामाजिक-आर्थिक लाभ – युवाओं को सुरक्षित और रचनात्मक प्लेटफ़ॉर्म मिलेंगे ओर आर्थिक जोखिम ,वित्तीय धोखाधड़ी, अपराध और मानसिक नुकसान की संख्या कम होंगे।

गेमिंग बिल के नकारात्मक प्रभाव –


फैंटेसी और रियल-मनी प्लेटफ़ॉर्म को पुर्णत नुकसान
Dream11, MPL, winzo , zuppi, ludo ,My11 circle , RummyCircle आदि प्लेटफ़ॉर्म को सीधे प्रभाव हो सकता है।

Dream11 और BCCI के बीच चल रही ₹358 करोड़ की स्पॉन्सरशिप भी टुटने की संभावना गैमिग बिल के कारण उसे समाप्त किया जा सकता है।

जिन खिलाड़ियों की कमाई मनी गेमिंग से होती थी जैसे कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, धोनी आदि उन्हें 150 से 200 करोड़ रुपए तक नुकसान होना संभावित है।
ओर शेयर बाज़ार में गिरावट देखने को मिली जैसे Nazara Technologies 11 से 16% की व Delta Corp लगभग 5% की शेयरों में तेज गिरावट हुई।

Income टैक्स व राजस्व में कमी होगी कई उद्योग संगठनों ने गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है वो अनुमानित 20,000 हजार करोड़ का प्रति वर्ष कर राजस्व नष्ट होने की संभावना और साथ में उपयोगकर्ता भी अवैध विदेश-आधारित वेबसाइटों का उपयोग करेंगे।

सरकार और उद्योगों ने क्या कहा –

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ओनलाइन गेमिंग बिल की सराहा और इसे डिजिटल नवाचार तथा ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने वाला कदम बताया और साथ ही समाज को ऑनलाइन मनी गेम्स से होने वाले नकारात्मक प्रभाव से बचाने वाला बताया है।

ओनलाइन गेमिंग बिल के परिणाम और निष्कर्ष

संक्षेप में, यह बिल एक दो-तरफ़ा दृष्टिकोण अपनाता है:

गैमिंग बैन से प्रोत्साहन -सुरक्षित, खेल-कौशल और रचनात्मकता पर आधारित गेम्स हो जायेंगे।

गेमिंग प्रतिबंध- जो गेम्स पैसा लगाने और कमाने पर आधारित हैं, वे पूरी तरह बैन हो जायेंगे।

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