Ladakh में हिंसा और प्रर्दशन क्यों हो रहा है –
लद्दाख की काफी जनता राज्यत्व (Statehood) व छठी अनुसूची के आधार पर संवैधानिक सुरक्षा की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस आंदोलन के दौरान लेह में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर भीषण झड़पें होती देखी गई। इसके बाद कर्फ्यू लगाया गया है। कई स्थानों जैसे सार्वजनिक भवन, पुलिस वाहन आदि को जला दिया गया था। इन प्रदर्शनों में अब तक 4 लोग मौत हो गई है और लगभग 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इनमें प्रदर्शनकारी और पुलिस दोनों की संख्या शामिल बतायी जा रही है।
लद्दाख में प्रदर्शन शुरू होने का कारण –
युवाओं मतलब Zen G में आक्रोश है कि लद्दाख को राज्य बनाने और छठी अनुसूची में शामिल करने जैसी सुरक्षा अभी तक लागू नहीं हो पायी है। लद्दाख में भूमि काअधिकार व सरकारी नौकरियों और आदिवासी-आंचलिक स्वामित्व जैसे मुद्दे उठाते हुए देखा गया
हैं।
यह मांगें पूरी नहीं होने के कारण कुछ लोगों ने हंगर स्ट्राइक पर जाने के कारण उनकी हालत पूरी तरह बिगड़ गया और वे गिर पड़े जिससे तनाव की स्थितियां बढ़ने लगी।
लद्दाख मुद्दों पर सरकार की क्या प्रतिक्रियाएं रही –
इन हिंसक प्रदर्शनों के बाद लद्दाख के लेह और करगिल जिलों में में कर्फ्यू लगा दिया गया है। 5 से अधिक लोगों को इकट्ठा होने आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है।
लद्दाख में केंद्रीय सरकार व स्थानीय संगठनों जैसे Leh Apex Body और Kargil Democratic Alliance के बीच वार्ताएं हुई है।अगली वार्ता 6 अक्टूबर को होने की घोषणा सरकार ने की है।
लद्दाख में कई मुद्दो पर जांच जारी है –
लद्दाख में कई स्थानों पर CBI ने जांच शुरू कि है प्रदर्शनो के लिए उकसाने वाले सोनम वांगचुक और उसकी स्थापित संस्थाओं ने विदेशी अनुदान संबंधी नियमों (FCRA) का उल्लंघन किया है या नहीं इसकी जांच की जाएगी । इसके बाद सोनम वांगचुक ने 15 दिनों की भुख हड़ताल को समाप्त कर दिया है।
लद्दाख में प्रदर्शनकारियों की कौन-कौन सी मांगें हैं –
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देना व छठी अनुसूची की सुरक्षा उपलब्ध कराना जैसे स्वतंत्र क्षेत्र स्थानीय जनप्रतिनिधित्व को बढ़ावा भूमि और सांस्कृतिक अधिकारो को सुनिश्चित करने सम्बंधित। और सरकारी जोब्स में स्थानीय लोगों को प्राथमिकताएं देना संबंधित व स्थानीय प्रशासन व पुलिस सेवाओं में लोकलस ज्यादा भागीदारी हो । लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाना जैसे मुद्दों पर।
वर्तमान में क्या स्थिति और आगे क्या भूमिकाएं दिखेंगी –
वर्तमान स्थितियां – प्रशासन वर्तमान स्थिति शांत करने में लगा हुआ है लेकिन तनाव की स्थितियां दिखाई दे रही है।
सरकार हालात को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढा दिया है।कई जगहों पर रात्रि कर्फ्यू व पाबंदियाँ को बढ़ा दिया है।
आगे की स्थितियां – बातचीत का क्रम जारी है। अगर केन्द्र सरकार कुछ आशाजनक घोषणाएँ या कानून-व्यवस्थाओ में बदलाव करती है तो लद्दाख की स्थितियां शांत हो सकती है।लेकिन अगर इसी प्रकार हिंसा और प्रदर्शन जारी रहे तथा जनता की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज़ी पकड़ सकता है।
Sonam Wangchuk
Ladakh protest