अमेरिका ने लगाया भारत पर 50 प्रतिशत टैक्स – Penalty Tax

अमेरिका ने 50% टैक्स कैसे व क्यों लगाया है?

अमेरिका ने 25% प्रतिबद्धता टैक्स की 7 अगस्त 2025 घोषणा की, ओर इसे लागू कर दिया। ओर इसके बाद 6 से 7 अगस्त 2025 को एक और घोषणा की जिसमें यह कहा की अतिरिक्त 25% दंडात्मक पेनल्टी टैक्स और लागु होगा आगामी कुछ दिनों में जिसके बाद कुल टैक्स वृद्धि 50% हो जाएगी । ओर यह पूर्ण टैक्स 27 अगस्त 2025 को लागू होगा।

अमेरिका ने टैक्स के पीछे बताएं कारण –

अमेरिका ने भारत पर 50% टैक्स इसलिए लगाया है क्योंकि भारत रूसी तेल खरीदता है अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी। जिसको अमेरिका ने रूस को वित्तीय सहायता पहुंचाने के रूप में देखा क्योंकि रुस की सहायता से यूक्रेन युद्ध बढ़ता जा रहा है जिससे अमेरिका की साख खराब होती नजर आ रही है।

और इसके साथ ही यह अमेरिका के America First और ट्रेड असंतुलन को कम करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

अमेरिकी टैरिफ से कौन से क्षेत्र प्रभावित होंगे –

  • प्रभावित होने वाले उद्योग – वस्त्र इन्डस्ट्रि , आभुषण ,चमड़ा व फुटवियर उधोग , रसायन सामग्री, ऑटो पार्ट्स, लौहा व धातु ,समुद्री पदार्थ , मशीनरी, फर्नीचर सामग्री आदि क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा।
  • सब उधोगों पर अलग-अलग टैक्स है जैसे समुद्री पदार्थो पर टैक्स 58.5% लगेगा
    वस्त्र व आभुषणों पर क्रमश 63.9% से 60.3% तथा 53.2% टैक्स लगेगा

कौनसे श्रेत्र टैक्स फ्री रहेंगे –

मेडिकल इन्डस्ट्रिज ,ऊर्जा क्षेत्र ,इलेक्ट्रॉनिक एवं सेमीकंडक्टर्स व जटिल खनिजों क्षेत्रों को छूट प्रदान की गई है तथा इन क्षेत्रों पर 0 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा।

टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा – इससे निर्यात क्षेत्रों पर असर दिखाई देगा – अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत के निर्यात क्षेत्रों में 66–70 प्रतिशत तक की गिरावट आने की संभावना है।

  • आर्थिक लागतो पर अनुमानित लगभग 25–55 बिलियन डॉलर का सालाना व्यापारिक नुकसान होगा व जीडीपी में 0.2–0.5 प्रतिशत तक गिरावट संभावना है।
  • आर्थिक दृष्टिकोणों के आधार पर अनेक रिपोर्टो के अनुसार यह निर्णय भारत की सालाना वर्दी दर यानी जीडिपी को लगभग 0.3% तक कम होने की संभावना है।
  • साथ ही Make in india योजना को बुरा झटका लगेग जैसे़ वस्त्र इन्डस्ट्रिज, आभुषणों व समुद्री उत्पादक को भारी नुकसान होगा।

इस निर्णय से भारत के शेयर बाज़ार में भी गिरावट देखने को मिली और डोलर के मुकाबले भारतीय रूपया भी कमजोर होता हुआ दिखाई दिया।

भारत सरकार व प्रभावित उद्योग क्षेत्रों की प्रतिक्रियाएं –

भारत के कई राज्यों में कपड़ा उद्योग प्रभावित होंगे जिसके बाद उधोगों ने भारत सरकार से टैक्स रियायतें देने व अन्य सहायता जैसे सब्सिडी देने की मांग की है। इस पर प्रधानमंत्र नरेन्द्र मोदी ने छोटे उद्योगों , किसानों व मछली उधोगों को सपोर्ट करने का वादा करा है ।

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